जालंधर: पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के लिए चलाए गए 'युद्ध नशे के विरूद्ध' अभियान के तहत पिछले महीने के दौरान जालंधर में सार्थक परिणाम देखने को मिले है। जालंधर सिविल और पुलिस प्रशासन ने जमीनी स्तर पर नशे की स्पलाई चेन को सफलतापूर्वक तोड़ दिया है, जिससे बड़ी गिरफ्तारियां और ऑपरेशन हुए है।
यहां प्रैस कांफ्रैस को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने पिछले एक महीने में अभियान के तहत हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में जानकारी सांझा की। उन्होंने कहा कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले एक महीने के दौरान 101 एफ.आई.आर. दर्ज की है और 121 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिससे सड़क स्तर पर नशे के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से खत्म किया गया है। नशीले पदार्थों की स्पलाई पर रोक लगाने के लिए नशे के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में साप्ताहिक कासो (घेराबंदी और तलाशी अभियान) भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक निर्णायक कदम उठाते हुए जालंधर शहर में नशा तस्करों द्वारा कब्जा की गई सरकारी जमीन पर बने तीन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके अलावा पुलिस विभाग ने ड्रग तस्करों की 3.51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को 9 प्रस्ताव सौंपे है।
डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर ने आगे कहा कि सख्त कार्रवाई के कारण पुनर्वास चाहने वाले लोगों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। अभियान के शुरूआत के बाद सिविल अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में ओ.पी.डी.में 20 फीसदी और दाखिले में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस अभियान के बाद शेखे गांव के पुनर्वास केंद्र में पुनर्वास के लिए भर्ती होने वाले लोगों की संख्या और नशा छोड़ने की चाहत में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
पुनर्वास प्रयासों को और मजबूत करने की भविष्य की योजना सांझा करते हुए उन्होंने बताया कि अगले दो महीनों के भीतर जालंधर में एक मॉडल नशा मुक्ति केंद्र और एक मॉडल पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों में जिमनेजियम, कौशल विकास प्रोग्राम, काउंसलिंग सैशन, नशा छोड चुके लोगों के अनुभव सांझा करना और ठीक हो चुके रोगियों के लिए नौकरी के अवसर जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दवाओं को नशीले पदार्थों के तौर पर दुरुपयोग को रोकने के लिए, प्रशासन ने ऐसी तीन दवाओं, प्रीगैबलिन कैप्सूल, गैबापेंटिन और एनाफोर्टन इंजेक्शन की बिक्री को नियमित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए है। मेडिकल स्टोरों को बिना डॉक्टर की पर्ची के इन्हें न बेचने और उचित रिकॉर्ड रखने के निर्देश जारी किए है। इस पहल के तहत, उल्लंघन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 32 मैडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए है और दो को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही अवैध बिक्री पर नज़र रखने के लिए 6 तलाशी और जब्ती अभियान शुरू किए गए है।
जिला प्रशासन ने नशा करने वालों की काउंसलिंग के आधार पर नशे के हॉटस्पॉट की पहचान की है। डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अधिकारियों के पास अब नशीले पदार्थों की तस्करी के स्थानों और इसमें शामिल व्यक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी है। उन्होंने इन हॉटस्पॉट स्थानों को गोद लेने की घोषणा की ताकि इन स्थानों को बेहतर बुनियादी ढांचे, पार्क, जिम, स्वास्थ्य सुविधाएं और अच्छी सड़कें प्रदान करके मॉडल स्थानों में परिवर्तित किया जा सके, जबकि पुलिस द्वारा नशे की स्पलाई चेन को तोड़ने के लिए गंभीर प्रयास जारी रहेंगे। इन ड्रग हॉटस्पॉट को जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर विकास और नशा मुक्त क्षेत्रों के रूप में तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा शहरवासियों को नशा विरोधी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से इसी माह मैराथन भी आयोजित की जाएगी। पुलिस विभाग ने नागरिकों की भागीदारी के लिए 'संपर्क' अभियान शुरू किया है और इस पहल के तहत आठ जन भागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए है। उन्होंने नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने के लिए पंजाब सरकार का सुरक्षित पंजाब हेल्पलाइन नंबर 9779-100-200 भी सांझा किया और कहा कि नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नशा मुक्ति के संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए नशा मुक्ति केंद्र का हेल्पलाइन नंबर 0181-2911960 भी उपलब्ध है।
संजीदा प्रयासों और लोगों की भागीदारी से, जालंधर नशा मुक्त शहर बनने की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जालंधर को नशा मुक्त जिला बनाने के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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